Saturday, October 5, 2019

रोहित ने टेस्ट में शानदार शुरुआत की, माइंडसेट को अन्य चीजों से ऊपर रखा

खेल डेस्क. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में रोहित शर्मा अपने टेस्ट करियर में पहली बार बतौर ओपनर उतरे। टेस्ट करियर की इस 'दूसरी पारी' की शुरुआत रोहित ने दोनों पारियों में शानदार शतक लगाकर की। इसके साथ ही बतौर टेस्ट खिलाड़ी उनकी क्षमता पर उठने वाले सभी सवाल फिलहाल तो शांत हो गए हैं। रोहित की इस वापसी के पीछे एक बेहद अहम बात छिपी है।

उन्होंने इस मैच से पहले और शतक जमाने के बाद भी बार-बार कहा कि उन्होंने टेस्ट में सफलता हासिल करने के लिए माइंडसेट को कई अन्य चीजों से ऊपर रखा। मानसिक मजबूती के कारण ही वे रेड बॉल क्रिकेट में ये शानदार वापसी करने में कामयाब रहे। इस बात में कोई शक नहीं है कि वर्ल्ड क्रिकेट में इस समय कम ही खिलाड़ी हैं, जो रोहित की बल्लेबाजी के स्तर को छू सकते हों। उनके पास टाइमिंग है, स्ट्रोक्स हैं, गेंद को देर से खेलने की कला है। बल्कि ये भी कहा जा सकता है कि अगर गेंदबाजों को हैरान कर देने वाली आक्रामकता, बेहद मजबूत कद-काठी और ताकत को हटा दें तो महान विवियन रिचर्ड्स और रोहित की बल्लेबाजी में आपको कई समानताएं दिख सकती हैं।

टेस्ट क्रिकेट में रोहित को लेकर संदेह होता है

रोहित को लेकर संदेह तब पनपने लगते हैं, जब टेस्ट क्रिकेट का जिक्र होता है। लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में वे विश्व के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं, लेकिन टेस्ट में रोहित वैसी नियमितता हासिल नहीं कर सके हैं। ये बात उनके साथ-साथ टीम मैनेजमेंट, सिलेक्टर्स और फैंस को भी निराश करती रही है। पहले दो टेस्ट में दो शतक लगाने के बाद भी रोहित छह साल में महज 27 टेस्ट खेल पाए और औसत भी 40 से कम ही रहा। क्रिकेट के खेल की ये बड़ी सच्चाई है कि जब तक आप रेड बॉल क्रिकेट में अच्छा ना करें, तब तक आपको महान खिलाड़ियों में नहीं गिना जाता। ये बात रोहित भी जानते हैं।

रोहित को सभी संदेह दूर करने का मौका मिला

रोहित को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के साथ इन सभी संदेहों को दूर करने का बड़ा मौका मिला है। दरअसल रोहित को टेस्ट में ओपनर के तौर पर आजमाने पर चर्चा तो एक साल से ज्यादा समय से चल रही थी और ये प्रयोग करने के लिए इससे बेहतर सीरीज नहीं हो सकती थी। कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली भी यही चाहते थे कि रोहित को पहले घरेलू मैदानों पर ओपनिंग की जिम्मेदारी देकर उन्हें इस किरदार में फिट होने का मौका दिया जाए। यूं तो रोहित के अलावा मयंक अग्रवाल ने दोहरा शतक लगाया, दक्षिण अफ्रीका के एल्गर और डी कॉक ने भी शतक लगाए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में रोहित का शतक ही रहा।

भारत 5वें दिन अफ्रीका को ऑलआउट कर पाता है या नहीं, ये तो जल्द पता चलेगा। लेकिन रोहित की इन दो पारियों ने टेस्ट चैंपियनशिप के शुरुआती दौर में ही टीम इंडिया की समस्याएं काफी हद तक कम कर दी होंगी।

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रोहित शर्मा।


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