खेल डेस्क. भारत के पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को अपने करियर के टर्निंग पॉइंट को याद किया। उन्होंने कहा कि 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग करने के लिए अनुरोध किया था। लिंक्डइन पर सचिन ने एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘1994 में जब मैंने भारत के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत की, तब सभी टीमों की रणनीति विकेट बचाने की थी। मैंने अलग करने की कोशिश की।
सचिन ने कहा, ‘मुझे लगा कि मैं सामने जाकर विपक्षी गेंदबाजों का सामना करूं, लेकिन इसके लिए सबसे अनुरोध करना पड़ा। एक मौका देने के लिए कहा था। मैंने कहा था कि अगर विफल रहा तो दोबारा इसके लिए नहीं आऊंगा।’ सचिन ने वनडे में 59 शतक की मदद से 463 मैच में 18426 रन बनाए।
सचिन ने कहा- असफलता से मत डरो
सचिन ने इस उदाहरण को सामने रखते हुए अपने प्रशंसकों से कहा कि कभी भी असफलता के डर से चुनौती का सामना करने से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा, ‘मैंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में पहले मैच में 49 गेंद पर 82 रन बनाए। मुझे फिर से पूछने की जरूरत नहीं थी कि क्या एक और मौका मिलेगा। वे मुझे ओपनिंग करने देने के इच्छुक थे। मैं यहां पर कहना चाह रहा हूं कि असफलता से मत डरो।’
सचिन ने पहले शतक में 130 गेंद पर 110 रन बनाए थे
सचिन ने 1989 में डेब्यू की थी। इसके पांच साल बाद उन्होंने वनडे में अपना पहला शतक लगाया। ये पारी उन्होंने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी। तब सचिन ने ओपनिंग करते हुए 130 गेंद पर 8 चौके और दो छक्कों की मदद से 110 रन बनाए थे। ओपनर के तौर पर उन्होंनो शुरुआती पांच पारियों में 82, 63, 40, 63 और 73 रन की पारी खेली थी।
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