Sunday, July 26, 2020

पीएसएल-5 के बचे हुए मैच होना मुश्किल, फॉरेन प्लेयर्स नहीं आ सकेंगे; मुनाफा भी घटेगा, अंतिम फैसला सितंबर तक संभव

पाकिस्तान सुपर लीग के पांचवे सीजन (पीएसएल-5) के बचे हुए मैच होना मुश्किल है। दरअसल, कोरोना के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट शुरू तो हो चुका है, लेकिन सभी टीमों का शेड्यूल काफी बिजी है। सितंबर और नवंबर में आईपीएल भी होना है। ऐसे में फॉरेन प्लेयर्स का पीएसएल में खेलना मुश्किल है। सिर्फ चार मैच बचे हैं। इनसे ज्यादा कमाई की उम्मीद भी नहीं है। हालांकि, आखिरी फैसला पीसीबी सितंबर तक लेगा। हालांकि, ये लगभग साफ हो गया है कि अब पीएसएल-5 के बाकी चार मैच नहीं खेले जाएंगे।

पाकिस्तान के बाहर नहीं हो सकता पीएसएल
पीसीबी चेयरमैन एहसान मनी पहले ही कह चुके हैं कि लीग के बचे हुए मैच पाकिस्तान के बाहर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नहीं होंगे। क्योंकि, ब्रॉडकास्टर के साथ हुए समझौते के तहत पूरा पीएसएल पाकिस्तान में ही खेला जाना है।

बैंक गारंटी भी जरूरी
पीसीबी के सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी पीएसएल-5 के बचे हुए चार मैचों को लेकर अंतिम फैसला पीएसएल-6 के लिए फ्रेंचाइजीस से बैंक गारंटी मिलने के बाद लेगा। दरअसल, पीसीबी को यह डर है कि बैंक गारंटी मिलने से पहले अगर वो पीएसएल-5 के बचे मैच रद्द करता है तो फ्रेंचाइजी इन मैचों का पैसा एडजस्ट करने की मांग कर सकती हैं। इससे पीसीबी का बजट गड़बड़ा सकता है।

लीग चरण के बाद मुल्तान सुल्तान टॉप पर
पीएसएल के विजेता का फैसला पीसीबी फ्रेंचाइजी से बातचीत के बाद ही करेगा। मार्च के मध्य में लीग को रोके जाने तक मुल्तान सुल्तान लीग पॉइंट्स टेबल में टॉपर टीम थी। पीएसएल-5 के लीग चरण के खत्म होने के बाद कोरोना के कारण इसे बीच में ही रोक दिया गया था। अब चार मैच बाकी हैं।

बचे चार मैचों को करवाने में खर्च ज्यादा, जबकि आय कम
सूत्रों के मुताबिक पीसीबी अगर पीएसएल-5 के बचे हुए चार मैचों का आयोजन करता है तो इसका खर्च लगभग 4.5 से 5 करोड़ पाकिस्तानी रुपए होगा। कमाई सिर्फ 50 लाख ही होगी। यानी पीसीबी के लिए हर लिहाज से यह मैच कराना घाटे का सौदा होंगे।



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पाकिस्तान सुपर लीग को मार्च में कोरोना संक्रमण के चलते रोकना पड़ा था। इसके बचे हुए चार मैच होना अब मुश्किल लग रहा है।


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